लादेन के मरने के बाद पहली बार सामने आई लादेन की मां, कहा-कभी पढ़ने में बहुत तेज और शर्मीला था मेरा बेटा –

लादेन के मरने के बाद पहली बार सामने आई लादेन की मां, कहा-कभी पढ़ने में बहुत तेज और शर्मीला था मेरा बेटा 

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नई दिल्ली: दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी रहा ओसामा बिन लादेन की मां का कहना है कि ओसामा एक अच्छा बच्चा था। वह बहुत शर्मीला हुआ करता था और पढ़ाई में भी काफी तेज था लेकिन कुछ लोगों ने उसका ब्रेन वॉश कर दिया था, जिस वजह से वह आतंकवादी बन गया। उनके मुताबिक अमेरिका पर हुए 9/11 हमले के लिए ओसामा बिन लादेन जिम्मेदार नहीं था। परिवार का कहना है कि उन्होंने आख़िरी बार साल 1999 में बिन लादेन को अफ़ग़ानिस्तान में देखा था। यह 9/11 की घटना से दो साल पहले की बात है।

‘द गार्जियन’ को दिए इंटरव्यू में आलिया घानेम ने बताया, ओसामा के जन्म के कुछ समय बाद ही उन्होंने उसके पिता से तलाक ले लिया था और दूसरी शादी कर ली थी। ओसामा के बारे में वह कहती हैं कि उनकी पहली संतान लादेन काफी शर्मीला था और वह उनसे बहुत ज्यादा प्यार करता था।

आलिया ने बताया कि ओसामा 20 साल की उम्र तक काफी मजबूत और पवित्र था। जेद्दा की किंग अब्दुल्लाजीज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ही ओसामा कट्टरपंथी बना। यूनिवर्सिटी में वह अब्दुल्ला अजाम नामक शख्स से मिला, जो मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य था। वह सऊदी अरब से निर्वासित था और ओसामा का धर्मगुरु बना।

आलिया से पूछा गया कि जब उन्हें अपने बेटे के जिहादी लड़ाका बनने का पता चला तो उन्हें कैसा लगा। इसके जवाब में उन्होंने अख़बार को बताया, हम बहुत ज़्यादा परेशान थे। मैं ऐसा कतई नहीं होने देना चाहती थी। वो कैसे सब बर्बाद कर सकता था? परिवार का कहना है कि 9/11 हमलों के बाद सऊदी सरकार ने उनसे पूछताछ की थी और उनके आने-जाने पर पाबंदियां लगा दी गई थीं।

लादेन का परिवार सऊदी अरब के अमीर परिवारों में से एक है। पूरा परिवार जेद्दाह में रहता है। उसकी मां आलिया ने कई साल मीडिया से दूरी बनाए रखी लेकिन क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की गुजारिश के बाद वह मीडिया से बात करने को तैयार हो गईं। ब्रिटिश अखबार से इंटरव्यू के दौरान सऊदी सरकार का एक अफसर और दुभाषिया भी साथ में था।

गौरतलब है कि 1980 के दशक में ओसामा रूसी सेनाओं से लड़ने अफगानिस्तान गया था। ओसामा के सौतेले भाई हसन का कहना है कि, शुरुआत में जो भी उससे मिलता था, उसकी इज़्ज़त करता था। हमें भी उस पर फख्र होता था। सऊदी सरकार भी उसकी इज़्ज़त करती थी लेकिन बाद में वह मुजाहिद हो गया। हालांकि बड़ा भाई होने के नाते उसने मुझे काफी कुछ सिखाया, लेकिन एक इंसान के रूप में मुझे उस पर बिल्कुल फख्र नहीं है।
Editor :- Shamshud duha

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