सीबीएसई 10वीं के नतीजे: 8 साल बाद फिर मार्क्स पैटर्न पर रिजल्ट, 5 घंटे के भीतर ही 3 छात्रों ने की खुदकुशी

सीबीएसई 10वीं के नतीजे: 8 साल बाद फिर मार्क्स पैटर्न पर रिजल्ट, 5 घंटे के भीतर ही 3 छात्रों ने की खुदकुशी
11 छात्र 497 अंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। परीक्षा में 16 लाख विद्यार्थी बैठे थे।
Nationalview.in | Last Modified – May 30, 2018

Nationalview.in

Shamshud Duha

लड़कों के मुकाबले 3.35% अधिक लड़कियां पास हुईं।
नई दिल्ली.सीबीएसई ने मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे 10वीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। 8 साल बाद सीसीई पद्धति खत्म कर फिर से मार्क्स-पर्सेंटेज के आधार पर रिजल्ट जारी किया गया है। 2011 से 2017 तक रिजल्ट ग्रेडिंग सिस्टम (सीजीपीए) के आधार पर जारी किया जा रहा था। इस बार पहले 3 स्थानों पर 25 छात्र हैं। इनमें 17 लड़कियां और 8 लड़के हैं। 500 में से 499 यानी 99.8% नंबर के साथ 4 टॉपर हैं। इनमें डीपीएस गुड़गांव के प्रखर मित्तल, बिजनौर (यूपी) के आरपी पब्लिक स्कूल की रिमझिम अग्रवाल, स्काॅटिश इंटरनेशनल स्कूल शामली की नंदिनी गर्ग और भवनी विद्यालय कोच्चि की श्रीलक्ष्मी जी हैं। 7 छात्रों ने 498 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। 11 छात्र 497 अंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। परीक्षा में 16 लाख विद्यार्थी बैठे थे।
दिल्ली में कम नंबर आने से परेशान 3 स्टूडेंट्स ने खुदकुशी की
उधर, रिजल्ट जारी करने के 5 घंटे के भीतर राजधानी दिल्ली में कम नंबर आने से परेशान 3 स्टूडेंट्स ने खुदकुशी कर ली। खुदकुशी का पहला मामला ककरौला गांव में सामने आया। यहां रहने वाले रोिहत मीणा ने केवल 59% अंक आने पर परिजन की डांट से दुखी होकर फांसी लगा ली। दूसरा मामला वसंत कुंज में सामने आया, रेयान स्कूल में पढ़ने वाली प्रज्ञा पांडे ने कम मार्क्स आने पर जान दे दी। इसके बाद शाम 4.40 पर दाबड़ी में खुशबू ने फेल होने पर मौत को गले लगा लिया।
पहले 3 स्थान पर आने वाले 25 छात्रों में से 12 उत्तर प्रदेश के
प्रखर मित्तल, 499/500, गुड़गांव
आॅप्शनल विषय फ्रेंच में 1 नंबर कटा। बाकी सभी में पूरे 100। टॉपर बनने की उम्मीद नहीं थी।
रिमझिम अग्रवाल, 499/500, बिजनौर
खुद पर भरोसा था। किसी सब्जेक्ट की ट्यूशन नहीं ली। सिर्फ मैथ्स में 1 नंबर कम मिला।
नंदनी गर्ग, 499/500, शामली
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से दूर रहीं। आईआईटी में जाना चाहती हैं। हिंदी में 1 नंबर कटा।
श्रीलक्ष्मी जी, 499/500, कोच्चि
टीवी नहीं देखती। रोजाना 7 घंटे पढ़ाई की। सिर्फ मैथ्स में 1 नंबर कम मिला।
96% लाने वाले प्रियेश के लिए ब्लड कैंसर सिर्फ बीमारी, जिंदगी की बाधा नहीं
खुद पर आत्मविश्वास और हिम्मत के दम पर ब्लड कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद एएसएन विद्यालय, मयूर विहार के प्रियेश तयाल ने 10वीं कक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। प्रियेश पिछले चार सालों से इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। गंगाराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। माता-पिता के स्नेह और हौसले ने प्रियेश को कभी कमजोर नहीं होने दिया।
पैटर्न बदलने से नतीजों में गिरावट
इस बार परीक्षा के नतीजे पिछले कुछ वर्षाें की तुलना में कम रहे हैं। कारण 2011 से 2017 तक सीसीई पद्धति से मूल्यांकन हो रहा था। इसमें 90 % से ज्यादा रिजल्ट आ रहा था। इसमें स्कूल और बोर्ड आधारित परिणामों के आधार पर कुल नतीजे घोषित किए जाते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *