CBSE की 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित, अजमेर रीजन देशभर में तीसरे नंबर पर

CBSE की 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित, अजमेर रीजन देशभर में तीसरे नंबर पर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की 10वीं कक्षा का परिणाम मंगलवार दोपहर में घोषित कर दिया गया।
Nationalview.in| Last Modified – May 29, 2018

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Shamshud Duha

सीबीएसई द्वारा जारी परिणाम अनुसार परिणाम में सर्वश्रेष्ठ तिरुवनंतपुरम रीजन रहा।
अजमेर.केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की 10वीं कक्षा का परिणाम मंगलवार दोपहर में घोषित कर दिया गया। अजमेर रीजन देशभर में परिणाम देने में तीसरे नंबर पर रहा। अजमेर रीजन का रिजल्ट 91.86 प्रतिशत रहा। पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब दो प्रतिशत रिजल्ट लुढ़का है। 2017 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 93.30 प्रतिशत रहा था।

– सीबीएसई द्वारा जारी रिजल्ट के मुताबिक तिरुवनंतपुरम रीजन का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा। इस रीजन का परिणाम 99.60 प्रतिशत रहा। दूसरे नंबर पर चेन्नई रीजन 97.37 प्रतिशत रहा।
– तीसरे नंबर पर अजमेर रीजन का रिजल्ट 91.86 रहा है। अजमेर रीजन में कक्षा 10वीं में इस बार 1 लाख 81 हजार से अधिक विद्यार्थी बैठे थे।
– अजमेर रीजन में राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, दमन और दीव के पब्लिक स्कूलों के विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए। एक लाख से अधिक बच्चे पास हुए हैं।
यहां चेक करें रिजल्ट
– विद्यार्थी सीबीएसई की www.results.nic.in तथा www.cbseresults.nic.in और www.cbse.nic.in साइटों पर परिणाम देख सकेंगे। सीबीएसई की कक्षा 10वीं की परीक्षा 5 मार्च 2018 से 4 अप्रैल 2018 के बीच आयोजित हुई थी। परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए देश भर में 4453 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
इस बार जल्दी आया परिणाम

– सीबीएसई ने गत वर्ष 3 जून को 10वीं का परिणाम घोषित किया था। इस बार यह परिणाम करीब एक सप्ताह पूर्व घोषित किया गया है। इस बार स्कूल बेस्ड परीक्षा नहीं थी। देश भर में केवल बोर्ड बेस्ड परीक्षा का आयोजन किया गया।
5 मार्च से 4 अप्रैल तक हुए थे 10वीं के एग्जाम
– इस साल 10वीं बोर्ड के एग्जाम 5 मार्च से शुरू हुए थे, जो 4 अप्रैल तक चले थे।
– इस साल 16,38,428 स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम में शामिल हुए थे।
पेपर लीक की खबरें भी आईं थीं सामने
– एग्जाम के दौरान कई बार पेपर लीक होने की खबरें सामने आईं थीं। बोर्ड ने 10वीं मैथ्स का एग्जाम दोबारा कराने का फैसला लिया था। लेकिन, इस फैसले का देशभर में जमकर विरोध हुआ। स्टूडेंट्स ने मांग की कि एग्जाम या तो सभी सब्जेक्ट के हों या फिर किसी का न हो।
– जिसके बाद बोर्ड ने मैथ्स का री-एग्जाम कराने का फैसला टाल दिया और पुराने एग्जाम के आधार पर ही स्टूडेंट्स को मार्क्स देने का फैसला लिया।

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