ट्रम्प और किम सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप में मिलेंगे, अमेरिका ने कहा- वह नहीं उठाएगा उत्तर कोरियाई अफसरों का खर्च

ट्रम्प और किम के बीच 12 जून को सुबह 9 बजे मुलाकात होगी।
Nationalview.in| Last Modified – Jun 06, 2018, 10:10 AM

Shamshud Duha
संतोसा द्वीप में स्थित कपेला होटल सिंगापुर की बाहरी सीमा पर मौजूद है। (फाइल)
o सेंटोसा द्वीप सिंगापुर के दक्षिण में स्थित है, ये मुख्य शहर से बाहरी इलाके में मौजूद है
सिंगापुर.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन के बीच 12 जून को प्रस्तावित मुलाकात सिंगापुर के दक्षिण में स्थित सेंटोसा आइलैंड में होगी। ट्विटर पोस्ट में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के मुलाकात के लिए सेंटोसा द्वीप में स्थित कपेला होटल को चुना गया है। उन्होंने सिंगापुर के नागरिकों को उनकी मेहमानबाजी के लिए भी धन्यवाद किया है। बता दें कि दोनों नेताओं के बीच में यह मुलाकात सिंगापुर के समय के मुताबिक, सुबह 9 (भारतीय समयानुसार सुबह 6:30) बजे शुरू होगी।
अमेरिका नहीं उठाएगा उत्तर कोरियाई अधिकारियों के सिंगापुर में रुकने का खर्च
– अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ कर दिया है कि वो उत्तर कोरियाई अधिकारियों के सिंगापुर में रुकने का खर्च नहीं उठाएगा। विदेश विभाग की सचिव हीदर नाउर्ट ने कहा कि अमेरिकी सरकार ऐसे किसी भी खर्चे को नहीं उठाएगी।बता दें कि किम 5 सितारा फुलर्टन होटल में रुकना चाहते हैं। इसका एक रात का किराया चार लाख रुपए है और किम के साथ बड़ा प्रतिनिधिमंडल आ रहा है। तंगहाली से जूझ रहा उत्तर कोरिया चाहता है कि होटल का खर्च कोई और देश उठाए। अमेरिका के लिए इसका खर्च उठाने में कानूनी दिक्कत है क्योंकि उसने उत्तर कोरिया पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हुए हैं।
– हालांकि, नोबेल विजेता परमाणु विरोधी संगठन आईकैन पहले ही अमेरिका और उत्तर कोरिया के नेताओं के बीच 12 जून को सिंगापुर में होने वाली बैठक का पूरा खर्च उठाने की पेशकश कर चुका है। इसमें उ. कोरिया के नेता किम जोंग उन के होटल का बिल भी है जो कि पेंच का मसला बना हुआ है।

कभी हां-कभी ना के बीच रही है ट्रम्प और किम की मुलाकात
– 10 मई: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सबसे पहले ट्वीट कर तानाशाह से सिंगापुर में मिलने की बात कही थी। इसी संदेश में उन्होंने मीटिंग की तारीख का भी जिक्र किया था।
– 16 मई:उत्तर कोरिया ने अमेरिका को समिट से पीछे हटने की धमकी दी। सरकारी मीडिया में चले कुछ अधिकारियों के बयान में ये भी कहा गया था कि अमेरिका एकतरफा तौर पर उत्तर कोरिया पर कार्रवाई कर रहा है और इसलिए तानाशाह का हाल लीबिया के गद्दाफी जैसा हो सकता है।
– 24 मई: ट्रम्प ने पत्रा जारी कर समिट को रद्द कर दिया। उन्होंने इसके पीछे उत्तर कोरिया के भड़काऊ रवैये को वजह बताया था।
– 26 मई: मुलाकात रद्द होने के बाद किम जोंग-उन दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन से मिलने पहुंचा। दोनों ने पन्मुंजोम समझौते पर बातचीत की।
– 31 मई: किम जोंग और ट्रम्प के बीच बातचीत की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर कोरिया का कोई वरिष्ठ अधिकारी 18 साल बाद अमेरिका पहुंचा। विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से हुई मुलाकात।
– 1 जून: जनरल किम योंग-चोल व्हाईट हाउस में ट्रम्प से मिले। बातचीत के बाद ट्रम्प ने एक बार फिर दोनों देशों बीच 12 जून को सिंगापुर में मुलाकात का ऐलान कर दिया।

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