पीएनबी घोटाला: ब्रिटेन भाग चुका है नीरव मोदी, वहां राजनीतिक शरण पाना चाहता है- रिपोर्ट में दावा

घोटाले की शुरुआत पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में 2011 से हुई। फ्रॉड फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स के जरिए हुआ।
Nationalview.in| Last Modified – Jun 11, 2018, 08:15 AM

Shamshud Duha
ईडी देश भर में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के ठिकानों पर 251 छापे मार चुका है। इसमें करीब 7,638 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की गई। (फाइल)
o फरवरी में घोटाले के खुलासे के बाद से देश से बाहर हैं नीरव मोदी और मेहुल चौकसी
o दोनों के पासपोर्ट रद्द हो चुके हैं, गैरजमानती वारंट भी जारी
लंदन. पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी यूके भाग चुका है। नीरव वहां राजनीतिक शरण पाना चाहता है। एक मीडिया रिपोर्ट में भारतीय और ब्रिटिश अफसरों के हवाले से दावा किया गया है। नीरव और उसका मामा मेहुल चौकसी 13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले मुख्य आरोपी है। जालसाजी उजागर होने के बाद से ही नीरव, गीतांजलि जेम्स के मालिक चौकसी देश से बाहर हैं।

लंदन में है नीरव मोदी
– फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि नीरव मोदी लंदन में है और वह शरण चाहता है। इसकी वजह वह राजनीतिक रूप से खुद को सताया जाना बता रहा है।
– हालांकि ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायुक्त ने किसी भी मामले में कोई जानकारी नहीं दी है। रिपोर्ट की मानें तो इस मामले में नीरव मोदी ने भी बयान जारी कर कोई जानकारी नहीं दी।
– भारतीय विदेश मंत्रालय ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि भारत सरकार खुद उसका इंतजार कर रही है। देश की लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसियां उसका प्रत्यर्पण(एक्स्ट्रीशन) कराने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन यह हो नहीं पाया।
सीबीआई 25 लोगों के खिलाफ दायर कर चुकी है आरोपपत्र
– सीबीआई मई में 25 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर चुकी है। इसमें नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, पीएनबी की पूर्व प्रमुख उषा अनंतसुब्रह्मणियन, पीएनबी के दो डायरेक्टर और नीरव की तीन कंपनियां शामिल हैं।
– उधर, नीरव और चौकसी लगातार इस बात से इनकार कर रहे हैं कि उन्होंने कुछ भी गलत किया है।
– बता दें कि भारत सरकार लंदन में रह रहे विजय माल्या का भी प्रत्यर्पण चाहती है। वे पिछले साल मार्च में लंदन भाग गए थे। उन पर भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज है।
अब तक नीरव-मेहुल के ठिकानों पर 251 छापे
– प्रत्यर्पण निदेशालय (ईडी) देश भर में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के ठिकानों पर 251 छापे मार चुका है। इसमें करीब 7,638 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की गई।
– नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ लुकआउट/ब्लू कॉर्नर नोटिस के साथ गैरजमानती वारंट भी जारी हो चुके हैं। दोनों के पासपाेर्ट रद्द कर दिए गए हैं।
कब और कैसे हुआ घोटाला?
– घोटाले की शुरुआत पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में 2011 से हुई। फ्रॉड फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए किया गया।
– फर्जी एलओयू तैयार कर 2011 से 2018 तक हजारों करोड़ की रकम विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
घोटाले का खुलासा कब हुआ?
– फ्रॉड का खुलासा फरवरी के पहले हफ्ते में हुआ। पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी दी।
– बाद में पीएनबी ने सीबीआई को बैंक में 1300 करोड़ के नए फ्रॉड की जानकारी दी। लिहाजा घोटाला अब करीब 13 हजार करोड़ तक जा पहुंचा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *