सबसे महंगा फीफा वर्ल्ड कप: 1.43 लाख करोड़ रु. खर्च होंगे, यह रकम 99 देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है

वर्ल्ड कप के कारण रूस की इकोनॉमी को 10 साल में 2.09 लाख करोड़ का फायदा हाेगा।
Nationalview.in| Last Modified – Jun 12, 2018, 10:38 AM

Shamshud Duha
फुटबॉल वर्ल्ड कप दुनिया में सबसे अधिक देखा जाने वाला और सबसे महंगा स्पोर्ट्स इवेंट है।
o रूस ने फीफा वर्ल्ड कप-2018 की मेजबानी पर 88 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
o यह 88 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे अधिक है।
खेल डेस्क. फुटबॉल वर्ल्ड कप दुनिया में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला और सबसे महंगा स्पोर्ट्स इवेंट है। रूस ने इसकी मेजबानी पर 88 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यह 88 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे अधिक खर्च है। आधिकारिक बजट करीब 13,140 करोड़ रुपए है। यह बजट मुख्यत: स्टेडियम के लिए था। पर रूस ने ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, स्वास्थ्य को मिलाकर कुल 88 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें यदि वर्ल्ड कप से जुड़े टूरिज्म, विज्ञापन का खर्च जोड़ दें तो यह आंकड़ा 1 लाख, 43 हजार करोड़ रुपए पार कर जाता है। यह रकम दुनिया के 211 देशों में से 99 की जीडीपी से ज्यादा है। टॉप 112 देशों की जीडीपी ही इस रकम से ज्यादा है। रूस को मेजबानी पर इतनी राशि इसलिए भी खर्च करनी पड़ी, क्योंकि उसके पास दूसरे विकसित यूरोपीय देशों की तुलना में फुटबॉल से जुड़ा तंत्र उतना मजबूत नहीं था।
वर्ल्ड कप के कारण रूस की इकोनॉमी को 10 साल में 2.09 लाख करोड़ का फायदा हाेगा
– रूस की इकोनॉमी को वर्ल्ड कप की मेजबानी की बदौलत 2.09 लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा।
– मास्को टाइम्स के मुताबिक रूस ने वर्ल्ड कप के आयोजन के लिए खेल और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 88 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसका 30% (28 हजार करोड़) रकम खेल से जुड़े निर्माण, 50% (46 हजार करोड़) ट्रांसपोर्ट-हेल्थ-सिक्यूरिटी और 20% (14 हजार करोड़) होटल व अन्य सपोर्ट एक्टिविटीज पर खर्च हुई है।
– इकोनॉमी को इसका फायदा लॉन्ग टर्म में देखने को मिलेगा। 2013-2023 के बीच इकोनॉमी को 2.09 लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा। वर्ल्ड कप की तैयारियों की बदौलत रूस में 2.22 लाख रोजगार पैदा हुए। कई आर्थिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वर्ल्ड कप में निवेश के कारण अप्रैल से सिंतबर-2018 के बीच रूस की इकोनॉमी 0.2% की रफ्तार से बढ़ेगी।
कहां-कहां कितना खर्च
88 हजार करोड़ रु. रूस ने खर्च किए आयोजन पर
– ट्रांसपोर्ट, हेल्थ, सिक्योरिटी पर 46 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। 42 हजार करोड़ स्टेडियम, होटल और अन्य मदों में खर्च।
30 हजार करोड़ रु. विज्ञापन-फैशन पर
– 25 हजार करोड़ रुपए इससे जुड़े विज्ञापन पर खर्च होंगे।
– स्पोर्ट्स वियर, इक्विपमेंट, फैशन पर 5 हजार करोड़ खर्च।
25 हजार करोड़ रु. टूरिज्म, ड्रिंक्स-फूड पर
– वर्ल्ड कप से जुड़े टूरिज्म पर 20 हजार करोड़ खर्च होंगे। ड्रिंक्स-फूड पर 5 हजार खर्च की बढ़ोतरी होगी।
– 46 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं ट्रांसपोर्ट-हेल्थ और सिक्यूरिटी पर।
– 28 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं स्टेडियम और खेल से जुड़े अन्य निर्माण पर।
– 0.2 फीसदी की दर से आगे बढ़ेगी रूस की इकोनॉमी अप्रैल-सितंबर-18 के दौरान।
60 दिन में 25 हजार करोड़ रु. का विज्ञापन दिखाया जाएगा, सबसे अधिक चीन में
– वर्ल्ड कप के दौरान विभिन्न कंपनियां 25 हजार करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च करेंगी। सबसे अधिक 5630 करोड़ का विज्ञापन चीन में दिखाया जाएगा। इसके बाद अमेरिका में विज्ञापन पर 2700 करोड़ विज्ञापन पर खर्च किए जाएंगे। चीन और अमेरिका दोनों ही देशों ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं किया है। पर यहां फुटबॉल लगातार लोकप्रिय हो रहा है। इसके अलावा यहां के लोगों शॉपिंग पर अधिक खर्च कर सकते हैं। इसी कारण कंपनियाें का जोर इन देशों में है।
– मेजबान रूस में 432 करोड़ विज्ञापन पर खर्च होगा। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में वर्ल्ड कप के दौरान और इसके एक महीने के भीतर 25 हजार करोड़ विज्ञापन पर खर्च होंगे।
15 लाख विदेशी पर्यटक आएंगे रूस, वर्ल्ड कप के दौरान 400% टूरिज्म बढ़ेगा
– वर्ल्ड कप के दौरान रूस में टूरिज्म पर 400% की बढ़ोतरी होगी। रूस को उम्मीद है कि करीब 15 लाख लोग वर्ल्ड कप के बहाने रूस आएंगे। इसके अलावा देश के लाखों फुटबॉल प्रशंसक मैच देखने के लिए कई शहरों की यात्रा करेंगे। देश-विदेश के फुटबॉल प्रशंसक करीब 20 हजार करोड़ रुपए खर्च करेंगे।
– वर्ल्ड कप के लिए शनिवार को फीफा के अतिरिक्त टिकट 1.20 लाख टिकट एक घंटे के अंदर ही बिक गए। आयोजकों को उम्मीद है कि विदेश से आने वाला फुटबॉल प्रशंसक रूस में वर्ल्ड कप के दौरान औसतन 12 दिन बिताएगा। खास बात यह भी कि जो देश वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए हैं, वहां से भी लोग रूस पहुंचेंगे।
बांग्लादेश ने 675 करोड़ के स्पोर्ट्सवियर और पाकिस्तान ने 300 करोड़ के फुटबॉल बेचे
– वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही टीमों की किट बांग्लादेश में बनी हैं। बांग्लादेश ने वर्ल्ड कप के लिए 675 करोड़ रु. के स्पोर्ट्सवियर और झंडे सप्लाई किए हैं। इसमें खिलाड़ियों, फैंस और देश की जर्सी भी शामिल है। एडिडास, प्यूमा, नाइकी, जी-स्टार, एचएंडएम और मार्क्स एंड स्पेंसर जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स स्पोर्ट्सवियर बनाते हैं।
– बांग्लादेश की कई कंपनियां साल भर यूरोपियन क्लब के खिलाड़ियों के लिए भी स्पोर्ट्सवियर सप्लाई करता है। दूसरी ओर, वर्ल्ड कप 2018 की गेंद टेलस्टार-18 पाकिस्तान में बनी है। पाकिस्तानी कंपनी फॉरवर्ड स्पोर्ट को इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपए की डील मिली थी। यहीं गेंद वर्ल्ड कप में इस्तेमाल होगी।
24 लाख टिकट बेचे गए हैं फीफा वर्ल्ड कप के
– 15 लाख टिकट विदेशी प्रशंसकों ने खरीदे हैं। जबकि, रूसी नागरिकों ने 8.7 लाख टिकट खरीदे हैं।
– 88 हजार टिकट खरीदे हैं अमेरिकी प्रशंसकों ने। सबसे अधिक। हालांकि, अमेरिका क्वालिफाई नहीं कर सका है।
– 72 हजार टिकट ब्राजील के फैंस ने खरीदे। यह संख्या वर्ल्ड कप खेलने वाले देशों में रूस के बाद सबसे अधिक है।
– 28 हजार टिकट भारतीयों ने खरीदे। वर्ल्ड कप नहीं खेलने वाले देशों में तीसरा नंबर। अमेरिका पहले, चीन दूसरे नंबर पर।
– 850 टिकट दिए गए हैं उन देशों के एसोसिएशंस को, जो क्वालिफाई नहीं कर सके हैं। इन देशों की संख्या 177 है।
# फीफा के बाद तीन सबसे पाॅपुलर खेलों के वर्ल्ड कप
क्रिकेट प्राइज मनी 69 करोड़ रु.
– वर्ल्ड कप में भाग लेती हैं 14 टीमें।
– 104 देशों में खेला जाता है।
– 11 वर्ल्ड कप खेले जा चुके हैं अब तक।
– 12वां 2019 में इंग्लैंड में होगा।
– 2015 में 1214 करोड़ रुपए खर्च हुए अायोजन पर।
– 69 करोड़ की प्राइज मनी दी जाती है।
रग्बी 890 करोड़ रु. खर्च हुए आयोजन पर
– वर्ल्ड कप में कुल 20 टीमें उतरती हैं।
– 119 देशों में खेला जाता है।
– अब तक 8वर्ल्ड कप हो चुके हैं।
– 9वां जापान में 2019 में होगा।
– आयोजन पर 890 करोड़ रुपए खर्च हुए।
हॉकी 125 देश खेलते हैं
– वर्ल्ड कप में शामिल होती हैं 12 टीमें।
– 125 देशों में खेला जाता है यह खेल।
– अब तक 13 वर्ल्ड कप खेले जा चुके हैं।
– 14वां वर्ल्ड कप में भारत में 2018 में होगा।
– 90 करोड़ रुपए आयोजन पर हुए खर्च।

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