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अजमेर में फिर रिस्वत का मामला एसीई को 5.25 लाख रुपए समेत पकड़ा, सात लिफाफों में रखे थे

अजमेर में फिर रिस्वत का मामला एसीई को 5.25 लाख रुपए समेत पकड़ा, सात लिफाफों में रखे थे

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  • केस दर्ज करने के लिए एसीबी को मुख्यालय के आदेश का इंतजार
  • नोट लेकर जयपुर आ रहे थे तभी एसीबी की टीम ने गुप्ता को पकड़ा

अजमेर.  अजमेर में सार्वजनिक निर्माण विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर महेंद्र कुमार गुप्ता को एंटी करप्शन ब्यूरो ने सवा पांच लाख रुपए कैश सहित पकड़ा है। गुप्ता पर अारोप है कि वे ठेकेदारों से कमीशन के तौर पर राशि वसूल कर जयपुर ले जा रहे थे। ठेकेदार की लग्जरी गाड़ी में उन्हें ब्रीफकेस सहित पकड़ा गया। ब्रीफकेस में सात अलग-अलग लिफाफों में करीब सवा पांच लाख रुपए बरामद हुए हैं।

एसीबी ने आय से ज्यादा राशि मिलने के मामले में जांच शुरू की है। गुप्ता 30 सितंबर को सेवानिवृत होने वाले हैं। एसीबी मुख्यालय से मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद गुप्ता की गिरफ्तारी संभव है। एसीबी को शिकायत मिली थी कि गुप्ता ठेकेदारों से कमीशन राशि एकत्रित करके अपने निवास जयपुर जा रहे हैं।

एसीबी के एडिशनल एसपी चंद्रप्रकाश ने बताया कि सूचना के आधार पर एसीबी टीम ने जयपुर रोड पर पीछा कर गुप्ता की गाड़ी को रोक लिया। गाड़ी में गुप्ता और उसका ड्राइवर मौजूद था। यह गाड़ी किसी ठेकेदार ने गुप्ता के लिए मुहैया कराई थी। अजमेर एसीबी के एडिशनल एसपी चंद्र प्रकाश शर्मा के अनुसार सूचना मिली थी कि एडिशनल चीफ इंजीनियर गुप्ता लंबे समय से निर्माण ठेकेदारों से बिल स्वीकृत करने के एवज में कमीशन वसूल रहे हैं।

गुप्ता इसी महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं। मंगलवार को सूचना मिली की गुप्ता ने कई ठेकेदारों से कमीशन के तौर पर मोटी राशि एकत्र की है और वह यह राशि लेकर जयपुर जा रहे हैं। एसीबी की टीम ने गुप्ता की गाड़ी की तलाशी में एक ब्रीफकेस और अन्य सामान बरामद किया। ब्रीफकेस में सात अलग-अलग लिफाफों में करीब सवा पांच लाख रुपए और एक नया मोबाइल फोन सेट मिला। एसीबी जब्त राशि के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पूरे मामले की रिपोर्ट एसीबी मुख्यालय भेजी जा रही है।

कई और भी अधिकारी राडार पर,  एडिशनल चीफ इंजीनियर के आवास और खातों की तलाशी होगी : पीडब्ल्यूडी के एडिशनल चीफ इंजीनियर एमके गुप्ता के कार्यालय में दिनभर कर्मचारी व ठेकेदार फाइल लेकर आते जाते देखे जा सकते थे। मंगलवार को ट्रेप की घटना के बाद फाइलों के जांच करने का मामला चर्चा में रहा। वह हर फाइल को पहले अपने यहां मंगवाते थे।

एसीबी इस मामले की भी अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ करके जांच करेगी। एमके गुप्ता की पोस्टिंग एक साल पहले कोटा से अजमेर हुई थी। कार्रवाई में आया कि जब भी वह जयपुर में चित्रकूट स्थित आवास जाता था वह ठेकेदारों से लग्जरी कारें मंगवाता था।

डेयरी अधिकारी पर भी ऐसी कार्रवाई हुई थी : एसीबी ने कुछ साल पूर्व डेयरी अधिकारी सुरेन्द्र शर्मा को भी ठेकेदारों से नजराना लेकर जाते हुए बजरंगगढ़ चौराहा पर पकड़ा था। उस मामले में भी हाथों पर रंग नहीं आए थे लेकिन संपत्ति व इतने नोटों व शिकायत के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए सजा दिलाई थी

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